भाई दूज तिलक विधि: थाली, चरण और यमुना जी की कथा

बुधवार 11 नवंबर के लिए: घर पर सरल तिलक, और दूर रहकर इसे कैसे निभाएँ

इस साल भाई दूज, जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं, बुधवार 11 नवंबर को है। यह दिन एक पारिवारिक कथा पर टिका है: यमुना जी अपने भाई यम को घर बुलाती हैं, भोजन कराती हैं और माथे पर तिलक लगाती हैं। यह मार्गदर्शिका थाली और तिलक के चरण वैसे बताती है जैसे उत्तर भारत के ज़्यादातर घरों में होते हैं, साफ़ बताती है कि क्या घर की रीति है और क्या जगह-जगह बदलता है, और वीडियो कॉल पर यह दिन निभाने का एक तरीका भी सुझाती है।

By
DharmikVibes
Language
Hindi
Length
2 min
Category
How-to › Puja vidhi

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इस साल भाई दूज बुधवार 11 नवंबर को है, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया। बंगाल में इसे भाई फोंटा कहते हैं, महाराष्ट्र में भाऊ बीज, नेपाल में भाई टीका। नाम और तौर-तरीके जगह-जगह बदलते हैं। मूल बात नहीं बदलती: बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, उसे खिलाती है, और दोनों एक-दूसरे के भले की कामना करते हैं।

## इसके पीछे की कथा

परिवार जो कथा सुनाते हैं, वह सूर्यदेव की संतान, यम और उनकी बहन यमुना की है। यमुना जी ने कई बार अपने भाई से घर आकर भोजन करने को कहा, पर वे हमेशा व्यस्त रहते। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे आख़िरकार आए। यमुना जी इतनी प्रसन्न हुईं कि उन्होंने सुबह जल्दी स्नान किया, भाई के लिए भोजन बनाया, उनके माथे पर तिलक लगाया और अपने हाथों से खिलाया। यम भावुक हो गए और पूछा कि वह क्या चाहती हैं। उन्होंने माँगा कि भाई हर साल इसी दिन उनके पास आएँ, और जो भी भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाए, उसका भला हो। इसीलिए यह दिन यम द्वितीया कहलाता है।

यह घर-परिवार की कथा है, जो व्रत कथा की पुस्तकों में और दादी-नानी से सुनी जाती है। हम इसे पारिवारिक परंपरा के रूप में दे रहे हैं।

## थाली

- रोली या कुमकुम, और कुछ साबुत चावल (अक्षत) - एक छोटा दीया - कलावा, लाल-पीला धागा - मिठाई, और उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुत से घरों में सूखा नारियल (गोला) - कुछ फूल, और लोटे में थोड़ा जल

## विधि

1. **समय तय करें।** बहुत से पंचांग तिलक के लिए दोपहर बाद का समय देते हैं, जिसे अपराह्न कहते हैं। अपने शहर का समय देख लें। वह आपके दिन में न बैठे, तो तब करें जब परिवार साथ हो। 2. **छोटा-सा स्थान बनाएँ।** कुछ परिवार चावल के आटे से चौक बनाते हैं और भाई को उसमें पीढ़े पर बैठाते हैं। मुख पूर्व की ओर हो या उत्तर की ओर, यह घर-घर में अलग है; अपनी रीति मानें। 3. **तिलक।** बहन अनामिका उँगली से रोली लगाती है, उस पर कुछ अक्षत लगाती है, और भाई की दाहिनी कलाई पर कलावा बाँधती है। 4. **आरती।** वह धीरे-धीरे भाई के चेहरे के चारों ओर दीया घुमाती है, और परिवार उसके स्वास्थ्य और लंबी आयु की छोटी-सी प्रार्थना करता है। 5. **भोजन।** वह भाई को मिठाई खिलाती है, और अगर वह घर आया है तो पूरा भोजन। बहुत से घरों में बहन तब तक हल्का उपवास रखती है। 6. **उपहार।** भाई बहन को उपहार देता है, बहन बड़ी हो तो उसके पैर छूता है, छोटी हो तो आशीर्वाद देता है।

## जब आप दूर हों

बहुत से भाई-बहन अलग शहरों या देशों में रहते हैं। एक सरल तरीका: तय समय पर वीडियो कॉल पर बहन अपनी थाली सजाकर दीया जलाए। भाई रोली-चावल तैयार रखे, और जब बहन अपनी ओर आरती करे, तब ख़ुद तिलक लगा ले। फिर दोनों कुछ मीठा खाएँ। यह साथ बैठने जैसा नहीं है, पर फिर भी यह आप दोनों का साथ निभाया हुआ दिन है।

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Cite this page: DharmikVibes (2026). "भाई दूज तिलक विधि: थाली, चरण और यमुना जी की कथा". DharmikStudio by DharmikVibes. https://studio.dharmikvibes.com/read/bhai-duj-tilak-vidhi-thali-charan-aur-yamuna-ji-ki-katha-1b683df8