अर्थ

अक्सर प्रसाद बँटने से पहले यही आख़िरी चीज़ गाई जाती है, और हममें से बहुतों ने इसे पढ़ना सीखने से पहले ही सीख लिया था। पर इसे लिखा किसने, और यह सच में क्या माँगती है? उत्तर पंजाब के एक छोटे क़स्बे से शुरू होता है, लगभग डेढ़ सौ साल पहले।

It begins: ""आरती और उनका अर्थ" में आपका स्वागत है। आज हम उस आरती से शुरू करते हैं जो इतने परिवारों को ज़ुबानी याद है: **ॐ जय जगदीश हरे**।"

Narrated with an AI voice.

Part
1 of 1 in आरती और उनका अर्थ
Length
4 min
By
DharmikStudio Originals
Narration
AI voice

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